Latest Shayari and Messages

 

Keeping a crush is better than
expressing your love,
at least you have a delusion to be happy with

 

 

तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा..
मेरी मोहब्बत तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा…..

 

 

इंतजार तो बस उस दिन का है,
जिस दिन तुम्हारे नाम के पिछे हमारा नाम लगेगा |

 

 

LOVE is the 7th sense of human that destroys
all the sixth senses and make the person non-sense.

 

 

धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर,
आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है

 

 

रंगीन हो तुम रंगों से भी ज्यादा;
खूबसूरत हो तुम ख़ूबसूरती से भी ज्यादा;
अगर ऐसा सोचते हो तो;
फूल हो तुम सब से ज्यादा।

 

 

बरबाद कर देती है मोहब्बत,
हर मोहब्बत करने वाले को,
क्योंकि इश्क़ हार नही मानता,
और दिल बात नही मानता।

 

 

Beggar: Kuch khaane ko do!
Pandit: Tamatar Khao
Beggar: Roti do baba
Pandit: Tamatar Khao
Beggar: Tamatar hi khila do
Pandit's Wife: Ye Totla bolte he, Keh rahe he KAMAKAR KHAO !

\

 

khat likh raha hu khoon se syahi mat samajna...
kisi mareej ka sample tha, mera mat samajana.....

 

 

Kanoon to sirf bure logo ke liye hote hai..
Ache log to sharam se hi mar jate hai...

 


Ye mandir masjid b kya gazab ki jagah hai dosto...
Jaha gareeb bahar aur amir ander bheek mangta hai...

 


kisi b mausam me karid lijiye...
dil ke zakhm taze hi milenge...

 


Dil ki mehfil mein ujala kijiye,
Roj pyaar bhare sms kiya kijiye,
Zindagi khubsurat ban jayegi dear,
Apno k liye thoda waqt nikala kijiye

 

 

Boy (laughing): Mere frend ne mere cell se meri Gf
ka number churaa liya hai ..
Other Boy: Toh fir ab ?
.
.
.
Boy: Toh ab kya !!
saala apni hi behn ke mobile per Romantic sms
bhejeara hai ..

 


parindo ko milegi manzil ek din,ye unke faile par bolte hai,
wahi log aksar rehte hai khamosh
zamane me jinke hunar bolte hai..

 

 

ये दिलबरी, ये नाज़, ये अंदाज़, ये जमाल,
हम अगर तेरी चाह न करें …तो क्या करे।

 

 

*सजा देनी हमे भी आती है ‪… ओ बेखबर,
*पर तू तकलीफ से गुज़रे, ये हमे मंजूर नहीं

 


Mein hamesa khus rehta hun…
Kyunki mein kisi se koi ummed nahi rakhta..
Ummedein Hamesa dard deti hain….!!

 

 

जाने कौन सी,
भाषा बोलती हैं उसकी आँखे..?
हर लफ्ज़,
कलेजे में उतर जाता है……!

 

 

मंदिर मस्जिद सी थी मुहब्बत अपनी,
बेपनाह इबादत की फिर भी एक ना हो सके…

 

 

माजरा क्या हे ये भी बता दो !
आजकल ख्वाबों मे छा जाते हो…